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राज को लगा की रोमा गुस्से में है, इसलिये उसने उसे अपनी बाहों में भरा और चूम लिया. “मैं तुमसे बाद में मिलता हूं,” कैहकर राज ने अपना टावल लपेटा और उसके कमरे से बाहर चला गया. रात के वख्त जब राज और जय तलाब के किनारे बढ रहे थे उस समय काफ़ी कोहरा छाया हुआ था और थन्ड भी बढ गयी थी. अलाव के नज़दीक जाकर दोनो ने मिलकर उसमे कुछ लकडियां डाली और आग सुल्गा दी.

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