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इतने में कविता ने मेरी गांड में उंगली घुसा दी. और घुमाने लगी. मैंने तो अब ऊपर से कमर हिला हिला कर अंकित को चोद रही थी . सारा कमरा फच . . फच . . . की आवाज से गूंज उठा. “हाय मेरी रानी . . . . दे धक्के . . . . कविता मेरी गांड में उंगली घुसा दे रे . . ” वो आनंद से सिसकारी भरने लगा. “हाँ . . मेरे राजा .

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