About:

“अब बस करो नहीं तो मेरा रस निकल जाएगा . . . . . . . ”

“नहीं राजा . . . . . थोड़ा और मसलने दो ना . . . तुम भी चुंचियां दबाव ना . . . . खींचो ना . . . . . ” मैं जोश में बोले जा रही थी. पर अंकित उठ कर बैठ गया. मैं भी अपने कपड़े ठीक करने लगी. हम दोनों को समय का पता ही नहीं चला. हॉल में आए तो महफिल रंग में थी.

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