. . मुग्धा ये कह रहा है तो चुपके से दे ही देना . . ”
कविता मेरे पास आयी और मेरे कान में धीरे से कहा – “जरा ध्यान दो . . . तुम्हारे जीजू का खड़ा हो रहा है . . ”
मेरी नजर तो पहले ही उसके लंड पर थी. ये सुनकर मैं शरमा गयी. मैं धीरे से बोली –
“धत् . . . . . . ”
“क्या हुआ. . हमें भी तो बताओ . . . . .