थोड़ी देर वहां कुछ खाया पिया और बातें करते रहे। मैं बार बार उसका हाथ पकड़ लेती थी। वो हाथ छुड़ाता भी नहीं था। फ़्लोर पर कुछ जोड़े डांस कर रहे थे। अंकित बोला- “चलो मुग्धा ! डांस करते हैं…”
“हां … चलो… ना…”
हम दोनो डांस फ़्लोर पर आ गए। मैंने उसकी कमर में हाथ डाला तो वो सिहर गया। ” जीजू…शरमा रहे हो… मेरी कमर में भी हाथ डालो…”
उसने मेरी कमर में हाथ डाल दिया और हम थिरकने लगे।