घर की बेल बजी तो मैंने बाहर निकल कर देखा. एक सजीला २५ -२६ साल का लड़का बाहर खड़ा था. मैंने पूछा – “कहिये . . . किस से मिलना है . . . ”
उसने मुझे देखा तो वो बोल उठा -“अरे नेहा . . . तुम यहाँ रहती हो . . ”
“हाय . . . तुम अनिल हो . . . आओ अन्दर आ जाओ . . . ” उसे मैंने बैठक मैं बैठाया। अनिल मेरे साथ कॉलेज में पढ़ता था.