दिखा के अपना हुस्न मेरे होश गुम कर दो ,
कि आज प्यार की पहली पहल भी तुम कर दो . चले भी आओ तड़प के हमारी बाँहों में ,
कि अपनी सांस मिला दो हमारी सांसों में . मेरे जलते हुए होठों पे अपने लब रख दो ,
उतार दो ये कपडे पलंग पे सब रख दो . मैं अपने लबों को रख दूँ तेरे रुखसारों पे ,
और अपने हाथ फिराऊँ तेरे उभारों पे .