लेकिन तू साफ़ साफ़ बता कि तुझे अपनी साली सुधा से तुषार की शादी में कोई ऎतराज तो नहीं है न?
राज – क्या मां , भला मुझे क्या आपत्ति हो सकती है, बल्कि ये तो रश्मी के लिये भी बहुत अच्छा होगा उसे यहां अपनी बहन की कंपनी मिल जायेगी। और वो काफ़ी भले लोग है, और मैं सुधा को अच्छी तरह से जानता हूं काफ़ी सरल और शांत लड़की है वो।