. . पता नहीं वो क्या करना चाहती हैं. . . . और क्यों अपने आपको बुरा मानकर दोषी ठहरा रही है. . . . जबकि उनके इस कृत्य में मैं भी तो बराबर का जिमेदार हूँ। मैडम ! मैं जानता हूँ कि आप यह अन्तर्वासना वेबसाइट नहीं पढ़ती होंगी पर अगर किसी तरह आप तक यह सन्देश पहुँच जाए कि अगर आप कोई प्रायश्चित कर रही हैं तो इसमें मुझे भी बराबर का भागीदार बनाएँ !
और दोस्तो, मैं आपसे पूछना चाहता हूँ कि क्या मुझे मैडम से बात करना चाहिए या नहीं? या फिर उनको अपनी दुनिया में खुश रहने देना चाहिए?
मेरा नाम अजय है, मैं २० साल का हूँ।