भाभी बोली- हां-हां, बिल्कुल ! जाओ मुन्ना देख लो और बाहर से दरवाज़ा बन्द कर लेना, मैं सोने जा रही हूँ, तुमको आने में देर हो सकती है। मैंने कहा- ठीक है भाभी। और फिर हम दोनों मुख्य-द्वार बन्द करके किरण के घर चले गए। किरण कोचिंग के बाद इस वक्त अकेली ही घर पर रहती थी क्योंकि उसके भाई और भाभी दोनों एक ही साथ ऑफिस में काम करते थे और एक ही साथ आते-जाते थे।
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