मुझ पे काफी जिम्मेदारियां है और अभी ये उमर भी नहीं है हमारी ये सब करने की, न ही ये कोई खेल है. ऐसे जल्दी में लिए फैसलों से जिंदगी बर्बाद भी हो सकती है. मुझे अब तक समझ नहीं आया कि वो मेरे मन की बात कैसे जान लेता है. आज का अंक यही समाप्त हुआ अगला भाग आपको जल्दी ही मिल जाएगा. . . !!!!
मैं अपने पाठकों को अपनी कहानी के हर एक छोटे से छोटे पहलू से अवगत कराना चाहती हूं, इसलिए प्यारे पाठको! मैं जानती हूं कि आप कुछ और ही पढना चाह रहे होंगे इस कहानी में, पर अभी उसमें बहुत देर है।