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स्टेशन पर जाते समय उसने हम दोनों भाई को एक बार फिर किस की और फिर गले मिलकर चली गई। मैं भी कुछ दिनों के बाद अपने घर चला आया। उस दिन मैंने जाना कि अपने से दोगुने उम्र की औरत को शांत करना आसान काम नही है। पर दोस्तों वह औरत एक दम माल थी। तो दोस्तों यह मेरी कहानी आपको कैसी लगी। जरुर जवाब दीजिये। मेरा ईमेल एड्रेस है :-
हेलो फ्रेंड्स, मैं समीर लखनऊ वाला फिर हाज़िर हूं दूसरी कहानी लेकर

यह बात आज से १ साल पुरानी है जब हमारे मकान में एक किरायदार रहने के लिए आए थे।

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