करीब २५ मिनट यूँ ऐसे ही गैर मर्द की बाहों में झूलती हुई जो चुदी। उसने अपना गरम गरम पानी जब मेरी बच्चेदानी के पास में छोड़ा, मैं पागल हो गई। कितना लावा निकालता था उसका लंड !
सो दोस्तो था वो मेरी बहन का नंदोई लेकिन सारी रात उसके नीचे मैं सोई। उसने मुझे ३ बार चोदा, १ बार गाण्ड में !
यह था मेरी जिन्दगी का दूसरा लंड !उसके बाद वो मुझे मोबाइल से फ़ोन करता, जब हमारे शहर में आता तो मुझे कॉलेज से लेकर करके होटल में ले जाता और खूब चोदता।