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बहुत साल बाद मुझे फिर से एक बार ये सुख मिल रहा था। उसने मुझे घुमा कर उल्टी कर दिया और चूतड़ों को थपथपाने लगा। यानि अब मेरी गांड की बारी थी . . . ! मेरा दिल खुशी के मारे उछल पड़ा। गाण्ड चुदवाना मेरा पहला शौक रहा है उसके बाद फिर चूत की चुदाई का आनन्द . . . !”

“सर नहीं ये नहीं . . . प्लीज . . . मेरी फ़ट जायेगी !” मैंने अपने नखरे दिखाए .

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