. . और रहे रुपये ! तो ये सब तुम्हारे है . . . !”
मेरी आंखे फ़टी पड़ रही थी . . . ये सब क्या हो गया . . . मैंने सिर्फ़ अपनी वासना की प्यास बुझाई थी . . . मेरी आंखों से खुशी के आंसू निकल पड़े। मेरे हाथ बरबस ही भगवान के सजदे में उठ गये। शाम को जब मैं ब्यूटी पार्लर से बाहर आई तो एक सेक्सी सुन्दर बाला दिख रही थी .