About:

मैंने डिब्बा उतार दिया। तभी आँटी ने गेट बन्द कर लिया। मैंने कहा- आँटी ! मैं जाता हूँ, तो उसने मुझे बुलाया, “इधर आओ,”

यह सुनकर मेरी तो हवा ही खिसक गई, लेकिन फिर मैं भी हिम्मत करके चला गया। मैंने कहा “कहो आँटी, क्या कोई और कोई काम है?”

“नहीं, एक बात पूछनी थी। ” आँटी ने कहा। मैं डर गया, डरते-डरते मैंने कहा, “कहिए आँटी जी !”

आँटी ने पूछा, “तुम्हारी उम्र कितनी है?”

मैंने जवाब दिया, “आँटी जी, २३ साल !”

फिर आँटी ने कहा कि मेरी उम्र ४० साल है और मैंने तुम्हारी माँ के उम्र की हूँ, तुम्हें शर्म नहीं आई दुकान पर ऐसी हरक़त करते हुए?

मैंने गर्दन नीचे किये हुए उनसे माफी माँगी, “आँटी मुझे माफ कर दो, आज के बाद ऐसा नहीं होगा,” मैं उनके सामने हाथ जोड़ने लगा।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*