मेरा लंड इतना अकड़ चुका था कि अगर मैं उसकी प्यास जल्दी नहीं बुझाता तो मेरा लंड बम की तरह ही फ़ट जाता। अब मैंने सरोज को सीधा लिटाया और उसकी दोनों टांगें फैला दी। अब सरोज होश में आ रही थी, उसने मेरा मोटा और लम्बा लंड देखा तो डर सी गई। मैंने उसे समझाया- कुछ नहीं होगा ! अब तुझे असली जन्नत की सैर कराता हूँ !
वो भी चुदना चाहती थी !
अब मैंने फिर से उसकी चूत में अपनी जीभ डाल दी और उसकी चूत को अच्छे से पूरा गीला कर दिया लंड अन्दर डालने के लिए !
मैंने अपने लंड का सुपारा उसकी कोमल चूत के ऊपर रखा और उसके चुचूक और होंठ चूसते हुए एक जोर का धक्का मारा।