मैं तो पागल हुआ जा रहा था पर किसी तरह अपने पर काबू रखा और उसे कहा- देखा, अब मेरे से पंगा मत लेना !
वो फिर से मुझे चिड़ाने लगी !
अब मैंने सोच लिया कि अब तो मैं इसे चोद कर ही रहूँगा !इस बार मैने सरोज को पीछे से सीधे उसकी चूचियाँ ही पकड़ कर उठाया और बाथरूम में ले गया और शॉवर चालू कर दिया। वो फिर से हँसते हुए छुड़ाने की कोशिश करने लगी ! पर अब मेरे सब्र का बांध टूट चुका था, मैं उसे पागलों की तरह चूमने लगा, उसके स्तन दबाने लगा शॉवर के नीचे ही !
फिर मैं ज्यादा देर न करते हुए सरोज को चूमते हुए, स्तन दबाते हुए कमरे में लेकर जाने लगा पर अब वो मेरे इरादे समझ चुकी थी इसलिए वो रोने लगी और अपने पूरे जोर से अपने आप को छुड़ाने लगी।