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सानिया मेरी बात सुन कर बोली- हाँ चाचू, मुझे सब सीखना है, जल्दी-जल्दी सीखाओ न अब, एक सप्ताह तो तुमने बर्बाद कर दिया मेरा उदघाटन करने में। वो भी हुआ तब, जब मैं कालगर्ल लाने को बोली, वर्ना तुम तो मुझे ऐसे ही अपने घर से विदा कर देते। मैं जब आई थी तब से यह सब सोच कर आई थी। शुरु से तुमको लाईन दे रही थी और तुम साधु बने हुए थे।

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