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सानिया बोली- अभी पूरा एक हफ़्ता है ना अम्मी को आने में ! तब तक तो हो जायेगा ना एक दिन कोई?

मैं उसकी बेताबी देख हैरान था। करीब आधे घन्टे बाद सूरी आ गया। मैंने सानिया को बुलाया। सूरी उसकी सुन्दरता पर दंग था। एक पल के लिए तो सन्न था सानिया के मक्खन बदन से नजर ना हट रही थी साले भड़वे की। सानिया सर नीचे करके खड़ी थी सामने।

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