मैंने कहा- मुझे ट्रीट देना पड़ेगा !
तो वो जवाब में बोली- रोज तो आपको टीट(चुची) देती हूँ, अभी ट्रीट बाकी है क्या?
सानिया ने शब्दों से अच्छा खेला था। फ़िर मेरे ऑफ़िस जाते समय वो भी साथ ही घर से निकली। रास्ते में मैंने सूरी को फ़ोन किया कि सानिया को मैं कहाँ छोड़ूँ !
सूरी ने सानिया को एक चौराहे पर छोड़ने को कहा कि वो खुद सानिया को लेकर के होटल ले जायेगा।