मेरी ऐसी मस्त चूत देख दोनों के मुँह से एक साथ आह निकली और फ़िर निकला- सुभानल्लाह !
आसिफ़ बोला- अब चल पहले चोदूँ तुमको वरना अफ़सोस होने लगेगा कि देरी क्यों की। मैं बोली- पहले बुर को धो लूँ, बहुत गीली हो गई है और रास्ते में आते समय गर्मी से थोड़ा पसीने की भी बदबू आ रही है। मुझे तो वकार के पसीने की बू याद आ रही थी।