“उसका बदन देखा … उसे देख कर तो. . . यार मन मचल जाता है……” सुनील ने कुछ अपना मतलब साधते हुए कहा। “अच्छा जी… बता भी दो जानू… जी क्या करता है……” मैं हंस पड़ी… मुझे पता था वो क्या कहेगा…
“सुनो नेहा … उसे पटाओ ना … उसे चोदने का मन करता है…”
“हाय… नौकरानी को चोदोगे … पर हां …वो चीज़ तो चोदने जैसी तो है…”
“तो बोलो … मेरी मदद करोगी ना …”
“चलो यार …तुम भी क्या याद करोगे … कल से ही उसे पानी पानी करती हूं……”
फिर मै सोच में पड़ गयी कि क्या तरीका निकाला जाये।