“थैन्क यू………रमेश……… आज तुमने मुझे अच्छी तरह से संतुष्ठ कर दिया………”
“अभी कहां……… अभी तो शुरूआत है…… अभी मेरा कमाल तुमने देखा कहां है………”
” ये तो साधारण सी चुदाई थी……… अभी तो तुम्हे खड़े खड़े चोदना है…फिर नहाते हुए चोदना है…और…”
“अरे ………अरे…… बस बस……… चुदेगी तो मेरी चूत ही ना…। ”
हम दोनो हंस पड़े ……… और हम कपड़े पहनने लगे……
मैने रमेश से धीरे से पूछा,” रमेश……… कल का क्या ………”
रमेश उत्साहित होत हुआ बोला,” आज … क्या बस इतना ही … अभी तो पूरी रात बाकी है………”
“धत्त……… हटो …… इतना क्या कम है ……”
मैं एक बार फिर रमेश से लिपट पड़ी………
मेरा नाम डा.