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दोस्तो अभी तक तो मै कन्ट्रोल मे था और वैसे भी ऐसे कामो मे कभी किसी के मजबुरी का फ़ायदा नहि उठाना चाहिये । मुझे लगा कि सायद वो नशे मे है तो मै बाहर जाने लगा तो उसने मेरा हाथ पकड लिया और पुछा “क्या मै तुम्हे अच्छी नही लगती” तो मैने कहा “नहि तुम मुझे बहोत अच्छी लगती हो तो उसने कहा की मुझे खुश होने का मौका क्यो नहि देते तुमने हि तो कहा था की हमेशा खुश रहना चाहिये ? तो मुझे खुश क्यो नहि करते ?” वो मेरी तरफ़ देखने लगी
अब मेरी बारी थी मैने प्यार से उसके ओठो पर अपने ओठ रख कर किस करने लगा और वो मेरा साथ देने लगी उसकी बेताबी बता रही थी की वो प्यार कि भुखी थी मै अपने ओठो की प्यास बुझाते हुवे सोनल के शरीर पर अपना हाथ फिराने लगा अब वो पुरी तरह से गरम हो चुकी थी और पता ही नही चला कि कब हमारे शरीर के सारे कपडे हमसे अलग हो गये अब उसका स्तन मेरे मुह मे था और मै उसे एक एक कर चुस रहा था वो अब एक दम से बैचेन हो गई मगर मैने अपना काम चालु रखा और धिरे धिरे मैने अपने जिभ का कमाल दिखाया और उसके दोनो टान्गो के बिच के फुल को मैने बडी हि कोमलता से चुसने लगा अब सोनल के मुह से अजब अजब सी आवाज आने लगी … चुसो और चुसो रुकना मत प्लीस और और और और आह आह आह और अचानक उसने मेरा सर अपने टान्गो के बिच कस कर दबा दीया मै समझ गया कि अब वो झडने वाली है और वो झड गई
सोनल तब कही जा कर मेरा सर छोडा उसने मेरा किस लिया और हम एक दुसरे के गोद मे आराम करने लगे थोडि देर बाद मै अपने कमरे मे गया और कोन्ड्म का एक पँकेट ले आया और फ़िर हम एक दुसरे को अब हराने के खेल मे लग गये मैने कोन्डम पहन लिया था अब मै सोनल के उपर था और उसकी प्यास बुझाने को एक दम तय्यार मैने अपना हथियार निकला और उसकि चुत पर रख कर रगडने लगा उससे रहा नहि गया तो सोनल ने कहा “अब चोदो भी अब और इन्तजार मत करवाओ” मैने उसकी बात को मानते हुवे मैने धीरे धीरे अपना लन्ड अन्दर दबाने लगा अन्दर जाते हि उसने मुझे कस कर पकड लिया सायद वो पुरा मजा चुस लेना चाह्ती थी ।

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