“आऽऽऽऽऽह रमेश ……प्लीज़ अभी नहीं……” वो समझ गया। मैने अपनी साड़ी और ब्लाउज़ ठीक किया और उसकी तरफ़ मुस्करा कर देखा। उसे छेड़ते हुए बोली,”कर दी ना गड़बड़ ……… ”
“सुनो सुमन … कल पिक्चर देखने चले ……”
“कब… सवेरे दस बजे के शो में…”
” हां…… कल सवेरे नौ बजे मैं आपको पिक कर लूंगा…” मैं उसका मतलब समझ रही थी।