तब उसकी आँख से पानी निकल गया और वह छटपटा रही थी। लेकिन मैंने बोला- अब दर्द नहीं होगा जान !
तो वो शांत हो गई और 5 मिनट बाद मैंने धक्के लगाने शुरु किये। अब उसे भी मज़ा आ रहा था। वो दो बार झड गई और अब मेरा भी होने ही वाला था। मैं बोला- क्या करें?
तो वो बोली- छोड़ दो अन्दर ही ! तो ही गर्मी का एहसास होगा !
और मैंने अन्दर ही कर दिया और दस मिनट तक ऐसे ही पड़े रहे।