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मैंने जोर से धक्के लगाये तो दीदी बोलती ही रही- फाड़ दे इसे ! आज मौका है ! तूने मुझे खुश कर दिया तो कल तुझे निशा की चूत भी मारने दूंगी ! निशा और मैं दोनों रात में एक दूसरे की चूत रगड़ती हैं ! चल बना दे इस चूत का भोसड़ा, जैसा मेरी मम्मी का है. . . मैंने पूछा- तुमने देखा है मम्मी का भोसड़ा ?
तो बोली- अरे दिन भर में कई बार दिख जाता है.