About:

बुआ की उठती गिरती साँसों के साथ ऊपर नीचे होती चूचियों को देख कर मेरा तो दिमाग बिलकुल सुन्न हो गया। अचानक बुआ ने मेरा सर पकड़ा और अपनी चूचियों पर दबा दिया। बुआ के बदन कि खुशबू ने मुझे हिला कर रख दिया था। मेरे पजामे में तूफ़ान सी हलचल होने लगी थी। हम इन लम्हों का आनन्द ले ही रहे थे कि फूफा की आवाज ने हम दोनों को सपनो की दुनिया से बाहर निकाला।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*