उसके मयंक के साथ अन्तरंग सम्बन्ध स्थापित हो चुके थे। मयंक अंजलि के कॉलेज़ में ही पढ़ता था और हॉस्टल में रहता था। बहुत समय से मेरे दिल में वासना दबी हुई थी पर स्त्री सुलभ लज्जावश मुझे अपने वश में ही रहना था। मेरे दिल में भी चुदाई की एक कसक रह रह कर उठती थी। मेरी उम्र 45 वर्ष की हो चुकी थी, पर दिल अभी भी जवान था।
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