About:

मयंक के पिता बहुत ही मृदु स्वभाव के थे। उनको समझाने पर उन्होंने बात की गम्भीरता को समझा। वे दोनों की शादी के लिये राजी हो गये। शायद उसके पीछे उनका मेरे लिये झुकाव भी था। मैं तब भी सुन्दर नजर जो आती थी, मेरे स्तन और नितम्ब बहुत आकर्षक थे। मेरी आँखें तब भी कंटीली थी। यही सब गुण मेरी पुत्री में भी थे।

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