वो जानती थी कि महेश पर मनचाहा असर हो चूका है. फिर भी वो कुछ कर नहीं रहा था. शायद डर गया था. उसने सोचा कि वही कुछ शुरुवात करदे तो? लेकिन अगर महेश बुरा मान गया या ज़रूरत से ज़्यादा डर गया तो?
दोनों कामुक हो चुके थे. चंदा कि चूत गीली और गर्म हो चुकी थी. वहीँ महेश का लंड भी पूरी तरह से तैयार था और रीस रहा था.