About:

रश्मी भाभी – ठीक है जैसा उचित समझें किजीये। आने के पहले फ़ोन करना मत भूलना, अच्छा रखती हूं। ऎसा कह कर उसने फ़ोन रख दिया। उसके फ़ोन रखते ही मेंरी जान में जान आई, उसके फ़ोन लेते समय मुझे ये भय सता रहा था कि कहीं वो रिश्ते के लिये मना न कर दे और मेंरे बारे में भाई को न बता दे। अब उसकी तरफ़ से मेंरा मन सदा के लिये निर्भय हो चुका था।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*