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मैं दौड़ते हुए अपने कमरे की तरफ़ गया और फ़िर वहां से तेज चाल चलते हुए रश्मी के कमरे दरवाजे के पास जा कर खड़ा हुआ और दरवाजे पर कान लगा कर सुनने की कोशीश करने लगा कि अंदर मेंरी जानेमन क्या कर रही है? मुझे अंदर उसके चहल कदमी की अवाज आई और फ़िर कुछ ही क्षणों में मुझे उसके कपड़ों की अलमारी के खुलने की अवाज आई।

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