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मैं तत्काल वहां से हट कर छत में चला गया। वहां घुप्प अंधकार छाया हुआ था बादलों की वजह अकाश में तारे भी नहीं दिख रहे थे। मैं सीधे कूलर के पास गया और उसके खस को हटा कर बनाए हुए छेद में आंख गड़ाकर देखने लगा। मुझे अंदर का दृष्य उसके कमरे की ट्यूब लाईट की रोशनी के कारण साफ़ दिखई दे रहा था, उसने अलमारी से अपना नाइट गाउन बाहर निकाल कर आल्मारी को बंद किया और वो पलंग की तरफ़ गई वहां उसने अपना गाउन रखा और और उसने अपने पल्लु को हटा कर नीचे गिरा दिया अब उसका ब्लाउस साफ़ दिखाइ दे रहा था अब उसने अपने लहंगे में फ़ंसी साड़ी को भी निकाल कर अलग कर दिया ।

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