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पता नहीं आप मेरे साथ क्या करने वाले हो . मुझे छोड़ दो बाबूजी, जाने दो, मैं आपके हाथ जोड़ती हूँ. “मुझे लगा कहीं आरती शोर ना मचा दे , आख़िर अडोस पड़ोस में और भी लोग रहते हैं”इसमे डरने क़ी क्या बात है आरती रानी ? मैं तुम्हारे साथ ज़बरदस्ती नहीं करूँगा. जो भी होगा तुम्हारी रज़ामंदी से होगा . आओ बेड पर बैठ कर बातकरते हैं .

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