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आज आपने मुझे जीत लिया बाबूजी. मैं आज से सचमुच आपकी आरती रानी बन गयी हूँ ” और वो भी मुझे बेतहाशा चूमने लगीमैने अपना एक हाथ उसके सीने क़ी एक गोलाई पर रख दिया . आरती ने कोई प्रतिरोध नही किया . मैं समझ गया कि आरती अब कोई प्रतिरोध नहीं करेगीवही हाथ मैने दूसरी गोलाई पर रख दिया . “कुछ ढूँढ रहे हो क्या बाबूजी ?” आरती धीरे से मेरे कान में बोली”हाँ आरती रानी “मैने उसके कान में कहा”क्या ढूँढ रहे हो बाबूजी ? क्या मैं आपकी मदद करूँ?” आरती मेरा कान दाँतों से काटने लगी” हाँ आरती रानी मेरी मदद करो ना .

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