मैं थोड़ा सा शरमा गया और दीदी उठ कर चली गई, मैं वहीं पर बैठा रह गया। थोड़ी देर बाद मैंने टीवी बंद कर दिया और मैं किचन में जाकर कुछ खाने को देख रहा था, दीदी भी वहीं थी। दीदी हंस के बोली- क्या चाहिए?
मैंने कहा- दीदी, मुझे कुछ खाने को चाहिए !
दीदी बोली- मैं अभी कुछ बना देती हूँ !
तो मैंने कहा- आप क्या बनाएँगी ?
तो दीदी बोली- जो तू कहे !
तो मैं बोला- गाजर का जूस बना दो !
दीदी गाजर लेने के लिए नीचे झुकी तो मेरा ध्यान उनके स्तनों पर चला गया और मैं देखता ही रह गया।