मैंने दीदी की गांड पर जीभ लगा दी। दीदी तो बिलकुल पागल हो गई और बोली- मैं तो मर गई, क्या गरम जीभ है तेरी ! और लगा !
मैंने दीदी की गांड को भी चाटना शुरू कर दिया। फिर क्या था, दीदी को तो होश नहीं था, वो तो पागल हो रही थी। गुलाबी चूत से रिस रिस कर नमकीन पानी निकल रहा था, उसे चाटने में मुझे भी मजा आ रहा था और दीदी अपनी गांड उठा उठा कर मुखचोदन करा रही थी।