फिर मेरा छुटने को हो गया तो मैंने कहा- दीदी, मेरा छुट रहा है !
तो वो बोली- मेरे मुँह में छोड़ दे। तो मैंने उनके मुँह पर छोड़ दिया और शान्त हो गया। थोड़ी देर बाद अचानक अपने लंड पर किसी के स्पर्श से मैंने आंखे खोली तो देखा कि दीदी उससे खेल रही है और उसे खड़ा करने की कोशिश कर रही है। मेरे आँख खोलते ही मुझे अर्थपूर्ण दृष्टि से देखा।