फिर वो दोनों मार्केट की तरफ चले गईं। वापिस आकर दीदी ने बताया- प्रिया बार-बार पूछ रही थी कि मैं क्यों हंसी थी। मैंने कहा- तूने क्या बताया?
दीदी बोली- वो जिद कर रही थी तो मैंने सब कुछ बता दिया कि हमारे बीच में क्या चल रहा है। मैंने कहा- दीदी, वो क्या सोचेगी ?
दीदी बोली- सोचने दे उसको ! तू अपना समय क्यों खराब कर रहा है? चल जल्दी से कुछ कर ले ! नहीं तो मम्मी आ जाएगी !
मैंने कहा- क्यों नहीं !
फिर हमने क्या मज़े किए, मैंने झट से दीदी के स्तन पकड़ लिए और दबाने लगा।