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हमारा परिवार बहुत ही कांसेर्वतिवे है लेकिन शादी के बाद नुपुरको हमारे परिवार का कांसेर्वतिवे रहन सहन अच्छा नही लगा. उसने हमसे इस बारे मी बात कि और मैंने उसे बताई कि हाँ मैं भी इस्तारफ कि रहन सहन से परेशां हूँ, लेकिन मैं कुछ नहे कर सकता. हाँ अगर तुम कुछ कर सकती हो तो तुम्हे हमारी तरफ से खुला चुथई. इसके बाद नुपुर चुप हो गयी और अपना काम मी लग गुई.

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