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” “आरे क्यों जल रहे हो, दो दिन बाद तुम भी अपनी मा या अपनी सास कि छूट किमास्ती अपने लौरे निकल देना, लेकिन फिलहाल तुम मेरी छूट कि मस्तीझार दो”, नुपुर ने मुझसे कहा. नुपुर कि एह सब बातें सुन सुन कर्मेरा लौरा खरा हो गया था इसलिए मैंने नुपुर को (जो कि पहले सही नंगी थी) बिस्टर पर लेटा कर उसके दोनो पैर अपने कन्धों पर्रख लिया और अपना लुंड का सुपर उसके छूट के मुँह पर लगा दिया.

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