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नुपुर ने हुम्कोअप्नी हाथों और पैर से जाकर कर हमको एक जोरदार चुम्मा दिया और्मुस्कुरा कर बोली, “तेरे बाप से अपनी छूट चुद्वा कर बहुत मज़ा आया,अब कल तेरा बरी है. कल तेरे को अपनी मा और सासूजी को छोड़ना है. क्या तू दोनो कि छूट मी अपना लुंड दल पायेगा?” मैंने बोला,”भोसृकिचुदासी औरत, मैं अपनी मा और सासूजी कि छूट तो क्या तेरे खान्दंमे जितने छूट है उन सुब को छोड़ दूंगा, बस उन सब छूट को मेरेसमने तू पेश करती जा.

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