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फिर देख मैं तेरे खंडन कि सुब चूतोंकी क्या हल बनता हूँ. ” नुपुर एह सुन कर मुस्कुर दी और बोली, “वह्मेरे चोदु रजा, कल जब तू अपने मा कि छूट मी अपना मुसल जैसलुन्द पेलेगा तो तुझको बहुत मज़ा आयेगा. मैं भी तब अपनी छूट मी बाबुजी का लुंड पिल्वौंगी. कल घर कि दोनो चिनल सास और बहुअप्नी अपनी आदमी बदल कर एक ही बिस्तर पर तंग उठा कर खुब्चुद्वौंगी.

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