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रानी बोली राज इसे मज़ाक समझो या सीरियसली लो पर मुझे भी तुम्हारी ट्रीट से उतना ही मज़ा आया जितना तुमको। इसलिये ट्रीट के लिये जगह का इंतज़ाम होना चाहिये और मेरे को मौका मिले तो मैं तो और ज्यादा ट्रीट लेना चाहुंगी। मैने कहा -आशा है तुम अपने शब्द याद रखोगी
शाम को मैं करीब ८:३० पर खाना खा करके फ़्री हुआ और रानी के आने का इंतज़ार करने लगा करीब ८:४५ पर अनिल रानी को लेकर आ गया और उसे छोड़कर चला गया और बोला मैं काम निबटाकर जल्दी से आता हूं अगर देर हो जाये तो मेरा इंतज़ार करना घबराना नहीं राजू शरीफ़ आदमी है।

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