About:

घर बहुत बड़ा नहीं था उनका. एक बिल्डिंग के तीसरी और आखरी मंजिल पर उनका घर था. एक बेडरूम, एक हॉल और एक किचन. पति पत्नी और बेटी तीनों एक ही कमरे में सोते थे. महेश के लिए उसने एक गद्दा निकल दिया था. उसी को हॉल में बिछा कर उसके सोने का इंतज़ाम होना था. बिस्तर पे लेटी-लेटी वो सोच रही थी. महेश कितना बदल गया है.

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