About:

वो संभली और अंदर जा कर फिर लेट गयी. इस बार थोड़ी बेचैन और अशांत थी. काफी देर तक तरह के ख्याल उसे पारेषण करते रहे. बार बार उसे महेश का मुस्कुराता चेहरा दीखता और वो सहम जाती. किसी तरह से करवट बदलते-बदलते आखिर में सो गयी. रात में उसे अजीब अजीब सपने परेशां करते रहे. कभी चंदर उससे दूर कहीं जा रहे थे और उसका रो रो के बुरा हाल था.

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