थोड़ी देर हम दोनों ऐसे ही शान्त पड़ रहे फ़िर उसने अपना लण्ड निकाला और मेरे मुँह में डाल दिया- साफ़ कर चाट कर इसे मेरी कुतिया !
और प्रोफ़ेसर जमील अहमद खान की प्यारी इकलौती बेटी बीस हज़ार लेकर एक रन्डी की तरह चुदाने के बाद अब लण्ड पर लगे हुए वीर्य को चाट रही थी। तभी बाहर से वकार ने आवाज लगाई- अब खत्म करो भाई ! एक से ज्यादा बज गए, खाना आ जायेगा अब।