शेखर उसके सामने कुर्सी लेकर बैठ गया। पास के जग से एक ग्लास पानी प्रगति को दिया। पानी पीने के बाद प्रगति उठकर जाने लगी तो शेखर ने उसे बैठे रहने को कहा और बोला कि अपनी कहानी उसे सुनाये। क्या बात है ? क्यों रोई ? उसे क्या तकलीफ है ?
प्रगति ने थोड़ी देर इधर उधर देखा और फिर एक लम्बी सांस लेकर अपनी कहानी सुनानी शुरू की।